September 20 ,2021

PS24 News
मीडिया का नया अवतार
हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2015/65733 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2016/71238 (दैनिक)
RNI - UPHIN/2017/75145 (मासिक)
Download App

यू. पी राज्य

योगी सरकार का जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस आदित्यनाथ मित्तल ने इसे तैयार किया है। यदि ये ड्राफ्ट कानून में बदला तो UP में भविष्य में जिनके 2 से ज्यादा बच्चे होंगे, उन्हें सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। ऐसे लोग कभी चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। विधि आयोग का दावा है कि अनियंत्रित जनसंख्या के कारण पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आयोग ने ड्राफ्ट पर 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी है। इससे पहले लव जिहाद कानून का ड्राफ्ट भी आदित्यनाथ मित्तल ने ही तैयार किया था। ड्राफ्ट की बड़ी बातें दो से अधिक बच्चों के अभिभावकों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। स्थानीय निकाय और पंचायत का चुनाव भी नहीं लड़ सकते। राशन कार्ड में भी चार से अधिक सदस्यों के नाम नहीं लिखे जाएंगे। 21 साल से अधिक उम्र के युवक और 18 साल से अधिक उम्र की युवतियों पर एक्ट लागू होगा। जनसंख्या नियंत्रण से संबंधित पाठ्यक्रम स्कूलों में पढ़ाए जाने का सुझाव भी दिया है। कानून लागू होने के बाद यदि किसी महिला को दूसरी प्रेग्नेंसी में जुड़वा बच्चे होते हैं, तो वह कानून के दायरे में नहीं आएंगी। तीसरे बच्चे को गोद लेने पर रोक नहीं रहेगी। यदि किसी के 2 बच्चे नि:शक्त हैं तो उसे तीसरी संतान होने पर सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को शपथ पत्र देना होगा कि वे इस कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे। दो बच्चे वालों को ये फायदा दो बच्चे की नीति अपनाने वाले अभिभावकों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। ऐसे पेरेंट्स जिनके दो बच्चे हैं और वे सरकारी नौकरी में हैं और अपनी इच्छा से नसबंदी कराते हैं तो उन्हें दो एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट, प्रमोशन, सरकारी आवासीय योजनाओं में छूट, PF में एंप्लायर कॉन्ट्रिब्यूशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। पानी, बिजली, हाउस टैक्स में भी छूट मिलेगी। एक संतान पर स्वयं नसबंदी कराने वाले अभिभावकों की संतान को 20 साल तक मुफ्त इलाज, शिक्षा, बीमा शिक्षण संस्था व सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की सिफारिश है। वन चाइल्ड पॉलिसी अपनाने पर फ्री एजुकेशन वन चाइल्ड पॉलिसी स्वीकार करने वाले BPL श्रेणी के माता-पिता को विशेष तौर पर प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत जो माता–पिता पहला बच्चा पैदा होने के बाद आपरेशन करा लेंगे‚ उन्हें कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। पहला बच्चा बालिग होने पर 77 हजार और बालिका पर एक लाख की विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ऐसे माता–पिता की पुत्री को उच्च शिक्षा तक मुफ्त पढ़ाई‚ जबकि पुत्र को 20 वर्ष तक नि:शुल्क शिक्षा मिलेगी। 19 जुलाई तक जनता से मांगी राय मांगी राज्य विधि आयोग ने ड्राफ्ट को उत्तर प्रदेश जनसंख्या (नियंत्रण, स्थिरीकरण व कल्याण) विधेयक-2021 नाम दिया है। आयोग ने ड्राफ्ट अपनी वेबसाइट http://upslc.upsdc.gov.in/ पर शुक्रवार को ही अपलोड कर दिया है। 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी गई है। यह ड्राफ्ट ऐसे समय में पेश किया गया है, जब 11 जुलाई को योगी आदित्यनाथ सरकार नई जनसंख्या नीति जारी करने जा रही है। हम किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं जस्टिस आदित्य मित्तल ने कहा कि जानबूझकर कोई कानून का उल्लंघन करेगा तो उसे कानूनी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि हमने सोच समझकर नीति बनाई है। हम किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं हैं। हम चाहते हैं कि जनसंख्या नियंत्रण में मदद करने वालों को योजनाओं का लाभ मिले। एक साल बाद किया जाएगा लागू कानून के मौजूदा ड्राफ्ट के मुताबिक ये विधेयक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से एक साल बाद लागू होगा। एक से ज्यादा शादी के मामले में, बच्चों की सही संख्या जानने के उद्देश्य से प्रत्येक जोड़े को एक विवाहित जोड़े के रूप में गिना जाएगा।
Read More

अंतिम संस्कार और एंबुलेंस सेवाओं के रेट तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार

अंतिम संस्कार और एंबुलेंस सेवाओं के रेट तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार

श्याम बाबू गुप्ता ब्यूरो चीफ , परिधि समाचार, अलीगढ़

कोरोना महामारी के दौरान अंतिम संस्कार और एंबुलेंस सेवाओं के लिए कथित रूप से अधिक शुल्क लिए जाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। इसमें केंद्र को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दे कि वे एंबुलेंस सेवाओं और कोरोना संक्रमण से मरने वालों के अंतिम संस्कार के शुल्क निर्धारण के लिए जल्द से जल्द दिशानिर्देश तैयार करें। जिसका अनुपालन न करने पर कड़ी कार्रवाई का प्रविधान हो। गैर-सरकारी संगठन डिस्ट्रेस मैनेजमेंट कलेक्टिव द्वारा अधिवक्ता जोस अब्राहम के जरिये दाखिल याचिका में मृतकों के अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र को नीति बनाने पर विचार करने के निर्देश देने की मांग भी की गई है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी हाल में मृतकों की गरिमा बरकरार रखने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। लेकिन इस मसले से निपटने के लिए अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।याचिका में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला भी दिया गया है जिसमें कहा गया था कि मृतक की गरिमा बरकरार रखी जानी चाहिए और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।

 

Read More

आखिर कैसे होगा जन समस्याओं का निस्तारण!

जनसुनवाई पोर्टल व 1076 की जनसमस्याओं पर जांच अधिकारी लगा रहे गलत आख्या! रैकिन्ग मार्क बढाने के लिए कागजो मे हो रहे मामले निस्तारित, हकीकत कुछ और! फ़रियादी निराश! उरई(जालौन)- माननीय योगी सरकार ने जन समस्या निस्तारण के लिए जनसुनवाई पोर्टल व 1076 पर काल की पहल कर रखी है! प्रत्येक थाने और प्रत्येक कार्यालय में यह होर्डिंग भी लगी हुई है कि यदि आपकी समस्या का समाधान इस कार्यालय में नहीं होता है तो हमारे कार्यालय 1076 पर या जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं! आपकी समस्या का निराकरण जल्द और अवश्य होगा! परंतु इस समय लोगों के बीच में जनसुनवाई पोर्टल का क्रेज गिरता जा रहा है! लोगों की समस्याओं का निस्तारण ही नहीं किया जा रहा है! अपनी रैकिंग बढ़ाने के चक्कर में जांच अधिकारियों द्वारा त्वरित गलत आख्या लगा कर मामले को निस्तारित किया जा रहा है! यदि इसी प्रकार अधिकारियों द्वारा जनता के प्रार्थना पत्रों पर कोई ठोस समाधान नहीं किया गया तो जनसुनवाई पोर्टल और माननीय योगी सरकार के 1076 पर लोगों का विश्वास घट जाएगा! विगत कुछ महीनों पूर्व में सड़क के किनारे गड्ढे भरने हेतु जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई, लोकनिर्माण विभाग-1 के अधिकारियों ने बिना जांच बिना भौतिक निरीक्षण किए अपनी आख्या लगाकर समस्या का समाधान कर दिया जबकि गड्ढा भरा ही नहीं गया! जब कुछ दिनों बाद जब पुनः शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत की गई तो लोक निर्माण विभाग एक के अधिकारी ने कहा कि यह हमारे क्षेत्र में नहीं आता तब यह शिकायत लोक निर्माण विभाग 3 को भेजी गई! पहले तो शिकायतकर्ता पर अधिकारियों द्वारा दवाब बनाने का प्रयास किया गया जब शिकायतकर्ता ने दबाब नहीं माना और स्पष्ट कर दिया, तब कहीं समस्या का कई महीनों बाद समाधान हुआ जबकि शिकायत का निस्तारण पहले ही कर दिया गया था! शिकायतकर्ता इस बात से परेशान था कि जब लोक निर्माण विभाग एक के दायरे में यह नहीं आता था तो पहले लोक निर्माण विभाग-1 के अधिकारियों ने गलत आख्या क्यों दी! पुलिस विभाग के मामलों में प्रायः देखा जाता है कि यदि शिकायतकर्ता एक थाने का है व द्वितीय पक्ष दूसरे थाने का है तो द्वितीय पक्ष जिस थाने का निवासी है शिकायत उसी थाने में पहुंचती है तो जांच अधिकारियों द्वारा ऐसे मामलों में कोई रुचि नहीं दिखाई जाती बल्कि यह लिख दिया जाता है कि पीड़ित पक्ष उस थाना का है और यह मामला उसी थाना में देखा जाए विस्तृत जांच उसी थाने से कराई जाए! जबकि जिसके खिलाफ शिकायत हुई हो वह जब उसी थाने का निवासी है तो जांच अधिकारी द्वारा संज्ञान लेकर शिकायतकर्ता व द्वितीय पक्ष को बुलाकर मामला निपटाया जा सकता है! परंतु अधिकांश मामलों में देखा जा रहा है कि यदि शिकायतकर्ता उस थाने का नहीं है तो जांच अधिकारी द्वारा यह रिपोर्ट लगा दी जाती है कि श्रीमान जी शिकायतकर्ता उस थाना का है उस थाने से ही जांच कराई जाए और शिकायतकर्ता जिस थाने का होता है वहाँ उससे यह कहा जाता है कि द्वितीय पक्ष इस थाना क्षेत्र का निवासी नही है आप उस थाने मे प्रार्थना पत्र दे जहाँ का वह निवासी है तो आप का मामला जल्द् निस्तारित होगा! जिससे होता यह है कि शिकायतकर्ता ऑफिस ऑफिस या थाने थाने खेलता रहता है और मामला नहीं निपटता अंत में थक हार कर बैठ जाता है! इसी प्रकार एक व्यक्ति अपनी मेहनत के रुपयो के लिए कई वर्ष से चक्कर काट रहा है और द्वितीय पक्ष उसके रुपये नहीं दे रहा है उल्टा धमकी और दे रहा है, थक हार कर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई जिस पर जांच अधिकारी द्वारा न तो शिकायतकर्ता से संपर्क किया गया और ना ही उसके सबूतों को देखा गया ना ही उसकी बात सुनी गई बल्कि द्वितीय पक्ष से वार्ता कर उसी को सही मानकर गलत आख्या लगा कर मामले को निक्षेपित कर दिया गया! जब जांच अधिकारी शिकायत कर्ता की बात नहीं सुनते और दूसरे पक्ष की ही तरफदारी दबाव या जेब गर्म हो जाने पर कर देते हैं तो दूसरे पक्ष के हौसले बुलंद हो जाते हैं और वह शिकायतकर्ता प्रथम पक्ष पर और अधिक दबाव बनाता है या उसे अपनी शान दिखाता है, जिससे या तो शिकायतकर्ता को दबा दिया जाता है या फ़िर लडाई झगडा की स्थिति बन जाती हैं! जांच अधिकारी द्वारा समस्या निस्तारण मे सक्रियता नहीं दिखाई जाती है और शिकायतों का सही समाधान न होने के कारण लोगों के बीच जनसुनवाई पोर्टल से भरोसा गिरता जा रहा है अधिकारी अपनी रैकिंग बढ़ाने के लिए शीघ्र गलत आख्या देकर सिर्फ़ कागजो मे मामले को निपटा रहे हैं जबकि वास्तविकता कुछ और है! उच्च अधिकारियों को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए और माननीय योगी सरकार के निर्देशों के अनुसार जन समस्याओं के सही निस्तारण कराने चाहिए! जिसकी शिकायत जहां जाए वह दोनों पक्षों को बुलाकर इस मामले को निपटा सकता है परंतु अधिकारियों को ऐसा करते हुए नहीं देखा जा रहा है! कई मामलों में ऐसा हो रहा है कि शिकायतकर्ता प्रार्थना पत्र में विन्दु स्पष्ट खोल देता है फिर भी जांच अधिकारी द्वारा उसी बिंदु को दिखा दिया जाता है और मामले मे गलत आख्या लगा दी जाती है!इससे सिद्ध होता है कि अधिकारी सिर्फ अपने कार्यालय में बैठकर आख्या लगा रहे हैं और उन्हें जनता की समस्याओं से कोई वास्ता नहीं है! एक शिकायत कर्ता के साथ एसा ही हुआ है और अब उसने माननीय योगी जी व उच्चाधिकारी को प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है!
Read More

रैपीपे की वेबसाइट और एप्प पर कोविड -19 के टीकाकरण की जानकारी और पंजीकरण सुविधा उपलब्ध।

परिधि समाचार संवाददाता

-------------------------

लखनऊ ।।  जानीमानी वित्तीय समावेशन फिनटेक कंपनी, रैपीपे फिनटेक अपनी वेबसाइट और एप के जरिए कोविड टीकाकरण की जानकारी और पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करा रही है। इस काम में रैपीपे के दो लाख से ज्यादा बिजनेस आउटलेट करोड़ों लोगों के टीकाकरण में सहायक बन रहे हैं। रैपीपे के बी2बी ऐप को 5 लाख से अधिक खुदरा विक्रेताओं और व्यापारियों ने इंस्टाल किया है।

रैपीपे ने अपनी वेबसाइट और एजेंट ऐप को एक टूल के द्वारा कोविन वेबसाइट पर रिडिरेक्ट किया है। जिससे टीकाकरण पंजीकरण के स्लाट्स लाइव दिख सकते है एवं पंजीकरण करा जा सकता है। लाखों रैपीपे एजेंट पेमेंट्स और पैसे भेजने वाली सेवाओं के लिए करोड़ों ग्राहकों को सेवा प्रदान करने के लिए इस ऐप का उपयोग करते हैं। उसी ऐप का इस्तेमाल करके एजेंट अपने इलाके में टीकाकरण के उपलब्ध होने की जाँच करने के लिए अपने ग्राहकों की सहायता कर पायेंगे एवं पंजीकरण स्लॉट भी बुक करा पायेंगे।

इस घोषणा के बारे में बोलते हुए, रैपीपे के एम डी एंड सी इ ओ योगेन्द्र कश्यप ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर देश के लिए बहुत ज़्यादा भारी पड़ रही है और इस महामारी को हराने के लिए, लोगों का टीकाकरण जल्द से जल्द करने की ज़रूरत है। सरकार ने अब 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों के लिए भी एक टीकाकरण अभियान खोल दिया है और पहले पंजीकरण करवाना और अपॉइंटमेंट लेना आवश्यक कर दिया है। कश्यप ने कहा, कि  लाखों की संख्या में तकनीकी जानकारी न रखने वाले लोग ख़ास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में, अपने आप कोविड या आरोग्यसेतु ऐप पर पंजीकरण नहीं कर सकेंगे। इसलिए हमारे डायरेक्ट बिजनेस आउटलेट्स एजेंट्स, रैपीपे ऐप्प एंड वेबसाइट द्वारा अपने इलाके के नागरिकों की टीकाकरण पंजीकरण मे सहायता कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इस सुविधा से बहुत सारे लोग टीकाकरण केंद्र पर भीड़ नहीं लगायेंगे और सामाजिक दूरी बनाए रखने में मदद करेंगे जिसकी इस समय बहुत ज़रूरत है।

Read More

जौनपुर में प्रधान पद के जितने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट जारी

जौनपुर में रविवर की सुबह से वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। शाम छह बजे तक दो सौ से ज्यादा सीटों पर रिजल्ट घोषित हो चुका था। शाहगंज ब्लाक के खरगीपुर गोधना गांव की प्रधान पद की प्रत्याशी अनीता देवी पत्नी भीमचंद ने कड़े मुकाबले में मात्र दो वोटों से चुनाव जीत लिया। अनीता देवी को 262 जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी उर्मिला को 260 मत मिले। तीन बार लगातार गांव की प्रधान रही अनीता देवी चौथी बार फिर प्रधान बनी हैं। लगातार चौथी बार चुनाव जीतने के बाद समर्थकों ने खुशी जाहिर किया है। इसके लिए उन्होंने ग्राम वासियों को आभार जताया है। इसी तरह जमदानीपुर गांव इस बार प्रधान पद के लिए अनुसूचित महिला के लिए सुरक्षित हो गया था। पहली बार चुनाव में मैदान उतरी रेनू देवी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कमला देवी को मात्र तीन वोट से पराजित कर दिया। रेनु को 149 तो कमला को 146 मत मिले। रेखा यादव ने 5 वोटों से जीत हासिल की मुफ्तीगंज। रसूलपुर ओझाइनिया निवासी रेखा यादव ने 248 वोट पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सुनीता यादव 243 को 5 वोटों के अंतर से हराया। हनुवाडीह निवासी रामनेत यादव पूर्व प्रधान 346 वोट पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सुरेन्द्र यादव 174 को 172 वोटों के अंतर से हराया। भोगी पट्टी गांव के चंदा देवी पत्नी करी या चौहान 522 वोट पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कुसुम देवी पत्नी बाला यादव336 को186 वोटों के अंतर से हराया। विझवार सागर निवासी रमेश नागर337 वोट पाकर जितेंद्र यादव उर्फ पिंटू 258 को 79 मतों से शिकस्त दी । वही ग्राम बारी निवासी सूबेदार यादव 566 वोट पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी परमेश यादव 341 को 225 वोटों के अंतर से हराकर जीत सुनिश्चित कर लिया । बरसठी से विजयी प्रत्याशी 1-घनापुर दिनेश पाल 559 निर्वाचित शिवराम सरोज 119 धनीपुर आशीष भारती 292 निर्वाचित सोना देवी 104 गद्दोपुर शीला देवी 354 निर्वाचित आशा देवी 346 पाली चंद्रशेखर यादव 509 निर्वाचित राकेश गौड़ 207 घाटमपुर पुष्पा सिंह 281 निर्वाचित प्रेमशीला 207 पटखौली सम्पति पाठक सुधा देवी 221 निर्वाचित किरन 108 दताव प्रमोद सिंह 368 निर्वाचित गंगाधर 345 खुआवाँ देवेन्द्र सिंह 502 निर्वाचित कर्मनन्द 358 बरेठी उमाशंकर यादव 293 निर्वाचित नीतू 287 पिलकथुआ हरिश्याम पाण्डेय 578 निर्वाचित चन्द्रावती 570 असवां शोभनाथ 685 निर्वाचित विजय 226 चमरहा आशा देवी 447 निर्वाचित आरती 387 बनकट बिंदू देवी 507 निर्वाचित बिंदू 436 कान्हबंशीपुर अब्दुल रसीद 427 निर्वाचित संगीता 186 गोपालपुर ( पपरावन ) नीतू 338 निर्वाचित शिवकुमारी 274 राजेन्द्र 221 निर्वाचित सभाराज 205 गारोपुर अजीत कुमार 299 निर्वाचित गिरजाशंकर 220 दियावा अंजू 288 निर्वाचित इन्द्रकली 269 केराकत ब्लाक विजयी प्रधान ग्राम सभा सिहौली- सुभावती 372, विजेता, राजेंद्र 337 उपविजेता मतों का अंतर (35), पूरनपुर -रामसुख 349 विजेता, प्रमेश 331उपविजेता मतों का अंतर (18), रामगढ़ -सकुन्ता 572, विजेता, रमेश 243 उपविजेता मतो का अंतर -(329), गुलरा रमेश 257 विजेता विजय उपविजेता 256, मतों का अंतर -(01), बलुआ बिनय कुमार 494,विजेता,अमित 186 उपविजेता मतों का अंतर -(308) मडियाहूँ विकास खण्ड प्रधान 1-न्याय पंचायत बीबीपुर ग्राम पंचायत सूरताशापुर अनिता सोनी 56मतों से विजयी।दुसरे स्थान पर हेमलता 2-न्याय पंचायत पाली के मिर्जापुर ग्रामसभा के महेंद्र पटेल183 मतों से विजयी। दुसरे स्थान पर राजेश यादव। 3-न्याय पंचायत पहसना के ग्राम पंचायत निजामुद्दीनपुर के उमेश कुमार सिहं 133 मत से विजयी दुसरे स्थान पर देवेंद्र सिहं रहे। 4-ग्राम पंचायत जमालपुर से साहब लाल यादव 62 मतों से विजयी दुसरे स्थान पर कंचन देवी रही। 5-ग्राम पंचायत बेलगहन से माधुरी 162 मतों से विजयी दुसरे स्थान पर अवनी रही। 6-ग्राम पंचायत महमूदपुर से स्वामीनाथन 15 मतों से विजयी। दुसरे स्थान पर लल्लन रहे। 7-ग्राम पंचायत मेजा से देवीदीन 10 मतों विजयी। दूसरे स्थान पर वकील रहे। 8-ग्राम पंचायत गाजीपुर से अनीता 72 मतों से विजयी। दुसरे स्थान पर नीतू यादव रही। 9-ग्राम पंचायत सुभाष पुर से सुषमा सिहं 370 मतों से विजयी।दुसरे स्थान पर विजयलक्ष्मी रही। 10-ग्राम पंचायत बीरबलपुर से राजमणि यादव 120 मतों से विजयी दुसरे स्थान पर सुनील कुमार रहे। 11-ग्राम पंचायत जमालपुर से साहब लाल 49 मतों से विजयी। दूसरे स्थान पर कंचन देवी रही। बक्शा से प्रधान 1- गैरीकला आरती सरोज 198 विजेता 5 मत पंकज कुमार 193 पराजित 2- खुंशापुर प्रधान सुरेखा देवी 590 मत विजेता नीतू देवी 272 पराजित 3- उटरुखुर्द शत्रुहन 255 विजेता विजेता बाबा 152 पराजित 4- केवटली कला शिवसहाय 364 विजेता शिवशंकर 270 पराजित 5- अर्धपुर अनीता पत्नी विनोद 512 विजेता अनीता पत्नी राजेन्द्र 230 पराजित 6- खुशहूपुर सुरेन्द्र कुमार यादव 365 विजेता शीला देवी पत्नी मयाशंकर यादव 309 पराजित 7- कौली अभिषेक कुमार सिंह 301विजेता मनोज कुमार सिंह 255 पराजित 8- गोपालापुर नीतू सिंह पत्नी सतेन्द्र सिंह 409 मत विजेता रीता सिंह पत्नी भोलेनाथ सिंह 384 मत पराजित महराजगंज ब्लाक ग्राम प्रधान 1-ठेंगहा गीता 340 सुमन 313 2-पोखरा प्यारे लाल बिंद 243 कल्पनाथ यादव 130 3-कैलवल भूलना देवी 427 आशा यादव 365 4-उमरी कला करुणेश शर्मा 323 मनीष शर्मा 264 5-फत्तूपुर राहुल सिंह 224 बेबी गौतम 122 6-मंहकुचा कामता प्रसाद 460 श्रीपति 195 7-डालूपुर मनोज विश्वकर्मा 205 दयाशंकर 159 8-असुआपार उर्मिला पाल 446 सरिता 130 9-बहाउद्दीनपुर अनारा देवी 205 काशी नाथ रजक 127 10- राईपुर ब्रहमदेव यादव 637 सहदेव यादव 440 11- मया विनोद कुमार 373 देवी प्रसाद 166 मछलीशहर विकास खंड राजेपुर मंगला प्रसाद सोनी 261 मत पाकर विजई हुईं। रनर प्रत्याशी कैलाश मौर्य 221 मत मिले। कोरमलपुर पुष्पा गौतम 364 मत पाकर विजई । रनर अच्छे लाल गौतम 359 मत मिले। महापुर- श्याम सूरत यादव 437 मत पाकर विजई । रनर सुभाष चंद्र यादव को 378 मत मिले। खरैयामऊ रमेश चंद्र कनौजिया 210 पाकर जीते। रनर राम आसरे गौतम को 129 मत मिले। धनौवा ग्राम सभा में महंथा प्रसाद 589 मत पाकर विजयी घोषित हुए। निकटतम प्रतिद्वंदी धर्मेंद्र को 511 मत मिले। 78 मत के अंतर से विजय मिली है। किशुनदासपुर - शिवकुमार 159 मत पाकर जीते । रनर -राजेंद्र प्रसाद 141मत मिले। जुडऊपुर-आरती 451 मत पाकर विजई हुई। रनर - नम्रता को 212 मत मिले। बदलापुर प्रधान पद 1-ग्रामपंचायत- बनगांव भूमिहार विजेता ---रामनवल यादव 363 मत रनर- उदयराज यादव 325 जीत का अन्तर 38 2-नाभीपुर विजेता - सुधा देवी- 172 रनर - प्रमिला - 138 जीत का अंतर- 34 3- केवटली कला विजेता -सितारा देवी - 252 रनर- राधा देवी - 193 अंतर - 59 4- कुशहां प्रथम विजेता - संतोष गौतम -356 मत रनर - त्रिभुवन - 225 अंतर 131 5- कमालपुर विजेता - सरिता देवी - 631 मत रनर - कुमारी देवी - 435 मत अंतर - 196 6- मरगूपुर विजेता- सीमा सिंह - 596 मत रनर - प्रियंका सिंह - 447 मत अंतर - 149 7-दयाली विजेता - सीमा देवी - 339 रनर - रेखा तिवारी - 174 अंतर - 165 8-दुगौलीकला विजेता - राजेंद्र प्रसाद यादव - 470 मत रनर - कमलेश यादव - 325 मत अंतर - 145 9-बहुर विजेता - राकेश तिवारी- 378 मत रनर - अखिलेश - 239 मत अंतर - 139 10- देवापट्टी विजेता - स्वामीनाथ - 274 मत रनर - उमाशंकर - 226 मत अंतर - 48 शाहगंज ब्लाक 1- जमदनीपुर विजेता रेनू देवी (149) रनर कमला देवी (146) जीत का अंतर- 3 2- नेवादा विजेता सुरसत्ती देवी (146) रनर राममूरत (138) जीत का अंतर- 8 3- पक्खनपुर विजेता प्रमिला (209) रनर शांति देवी (154) जीत का अंतर- 55 4 -पोराईकला विजेता चन्द्रकला (260) रनर तीरथ राजभर (147) जीत का अंतर- 113 5- खरगीपुर गोधना विजेता अनीता (262) रनर उर्मिला (260) जीत का अंतर 2 6- ढंढवाराखुर्द विजेता अमीना परवीन (472) रनर केसरी बानो (317) जीत का अंतर- 152 7- तारगहना विजेता मंगला प्रसाद (366) रनर विजय (357) जीत का अंतर 9 8- मिहरावा विजेता रानी (308) रनर सुनील (196) जीत का अंतर 112 9 -मलहज विजेता शांति (351) रनर चन्द्रावती (251) जीत का अंतर 100 10 -राजेपुर विजेता आनंद सिंह (244) रनर सुषमा (227) जीत का अंतर 17 11- शाहापुर विजेता भीम यादव (548) रनर प्रकाश (266) जीत का अंतर 282 सुजानगंज 1इंद्र देव बरहता 2राम अकबाल बेलवा 3श्री राम चौबे पुर 4श्रीमती चंद्रावती देवी तरपट्टी 5लालचंद्र मौर्य सैदानी 6सुरेंद्र पटेल करनौली 7राधा पत्नी चंद्रेश नरहर पुर 8प्रदीप पाड़े पतहना 9विजय बहादुर उमरपुर 10विनोद कुमार तिवारी अचकारी 11अच्छे लाल कुरावा 12वंदना पत्नी साहब लाल नेवराहा 13 समर बहादुर कुंदहा
Read More

मुरादाबाद में बोले-सीएम योगी, किसान-मजदूर जिनके एजेंडे में नहीं रहे वही कर रहे गुमराह

परिधि समाचार सलमान युसूफ की रिपोर्ट मुरादाबाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि किसान और मजदूर कभी जिनके एजेंडे में नहीं रहे, वे आज किसानों को बरगला रहे हैं। प्रदेश सरकार सबसे ज्यादा किसानों लिए फिक्रमंद है लेकिन कुछ ताकते उनका लाभ नहीं चाहतीं। मुख्यमंत्री ने बुद्धि विहार के मैदान में श्रमिकों के 2754 बेटे-बेटियों के सामूहिक विवाह के अवसर पर उन्होंने आशीर्वाद दिया। साथ ही 183 करोड़ की 48 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब तीस मिनट के उद्बोधन में विपक्षियों पर हमला भी बोला और सरकार के काम भी बताए। कहा, प्रदेश सरकार ईमानदारी से सभी के लिए काम कर रही है। अगर हमें किसानों की चिंता न होती तो उनके खाते में छह हजार सालाना न पहुंचते। न ही ऋण माफ हो पाते और न ही फसल बीमा का लाभ मिलता। सरकार अन्नदाता को खुशहाल देखना चाहती है लेकिन कुछ लोगों को यह बात नहीं पच रही है। जो बीच में लाभार्थियों का पैसा हजम कर जाते थे, उन्हें ही पीड़ा हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा सौभाग्य की बात है यहां 2754 जोड़ों का विवाह संपन्न हो रहा है। इसमें पांच-पांच मंत्री मेजबान हैं। अफसरों ने खुद इस आयोजन के कार्ड बांटे हैं। योगी आदित्यनाथ ने ने संबोधन के पहले 183 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोपार्कण मंच से बटन दबा कर किया। सरकार ने बदली सूबे की छवि मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले सरकारों की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। भाजपा सरकार ने देश-दुनिया में प्रदेश की छवि बदली है। जनधन खाते नहीं होते तो महिलाओं, मजदूरों कामगारों, पेंशनधारकों को लाभ नहीं मिल पाता। तकनीक की मदद से आम आदमी की केंद्र सरकार ने बनाया है। इसी का परिणाम है कोरोना जैसी महामारी पर जीत मिली है। जापान जैसे सक्षम देश से पहले भारत ने वैक्सीन बनाने में सफलता पाई। देश के प्रतिभावान वैज्ञानिकों ने यह कर दिखाया। यही नए भारत की तस्वीर है। हर हाथ को काम, हर खेत को पानी और भूखे को भोजन देंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगो ने तय किया है कि किसी को भूखा नहीं सोने देंगे। हर हाथ को काम और हर खेत को पानी के साथ हर भूखे को भोजन भी देंगे। पच्चीस मार्च को लॉक डाउन के बाद श्रमिक मजदूरों समेत 54 लाख परिवारों को भत्ता सरकार ने दिया है।
Read More

विवाह फिल्म की तरह अनोखी शादी दुलहन की रीढ़ की हड्डी टूटी दूलहे ने अपनाया

प्रतापगढ़ (अभिपरिचय पाण्डेय:):- साल 2006 में बनी सूरज बड़जात्या की फ़िल्म 'विवाह' शायद सभी को याद होगी जिसमें दुल्हन बनने वाली अमृता राव अपनी चचेरी बहन को बचाने के चक्कर में शादी के दिन आग से जल जाती हैं और दूल्हा बने शाहिद कपूर उन्हीं से शादी करते हैं. वह रील लाइफ की पिक्चर है जो की काफी हिट भी हुई थी लेकिन यूपी के प्रयागराज में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला. (प्रयागराज से पंकज श्रीवास्‍तव की र‍िपोर्ट) यह मामला संगम नगरी प्रयागराज में देखने को मिला जहां हाथों में मेहंदी लगी अस्पताल के बेड पर पड़ी नई नवेली दुल्हन आरती है और उसके पास बैठा युवक इसका पति अवधेश है जो कि अपनी पत्नी की देखरेख में लगा है.दरअसल, प्रतापगढ़ के कुंडा इलाके में रहने वाली आरती की शादी की तैयारियां पूरी हो गई थीं और 8 दिसम्बर की शाम को बारात आने वाली थी लेकिन दोपहर में छत पर खेल रहे अपने तीन साल के भतीजे को बचाने के चक्कर में आरती छत से नीचे आ गिरी. हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और दोनों पैरों की ताकत चली गई. घर वालों ने उसे प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया.दूल्हे अवधेश के घर वालों को इसकी सूचना दी गई तो उसके घर से दो लोग पता करने पहुंचे. मामले की सच्चाई और घटना की जानकारी दूल्हे अवधेश को भी दी गई. आरती के घर वालों ने अवधेश से आरती की छोटी बहन से शादी कर लेने की बात कही लेकिन अवधेश ने ठान लिया था कि आरती ही उसकी जीवनसंगिनी बनेगी चाहे कुछ भी हो, वो जीवन भर उसका साथ निभाएगा.अवधेश अपनी धर्म पत्नी आरती का पूरा ख्याल रखता है. पास खड़े रिश्तेदार और घरवाले इन दोनों के हौसले और हिम्मत को सलाम करते हैं.वहीं, आरती के घरवाले डॉक्टर से बातचीत कर एक दिन के लिए उसे एम्बुलेंस से वापस कुंडा ले गए जहां अवधेश और बेड में लेटे हुए आरती के सात फेरे और रस्म अदायगी हुई. उसके बाद वापस आरती को प्रयागराज के इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया.अवधेश और आरती अपने आपको बहुत खुशकिस्मत मानते हैं कि जहां परेशानी में परछाई भी साथ छोड़ देती है, ऐसे में एक-दूसरे का साथ देकर लोगों के लिए मिसाल बन बैठे हैं. ये रियल लाइफ के हीरो बन गए हैं. इन दोनों के इस फैसले से हर कोई इनकी जमकर तारीफ कर रहा हैl
Read More

336 सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर की पदोन्नति लिस्ट में पूर्व चौक थानाध्यक्ष अमित मिश्रा का नाम भी शामिल ,जारी हुई लिस्ट

वाराणसी।आज उत्तर प्रदेश पुलिस में जारी हुई प्रमोशन लिस्ट में कुल 336 सब इस्पेक्टर को इस्पेक्टर पद पर प्रमोशन देकर नियुक्ति दी गयी है। जिसमें वाराणसी के चौक थाना पर थानाध्यक्ष रहे और वर्त्तमान समय में सिगरा थाने पर अब तैनात एसएसआई अमित मिश्रा अब इंस्पेक्टर अमित मिश्रा के नाम से जाने जायेंगे। उत्तर प्रदेश पुलिस की आज जारी हुई प्रमोशन की लिस्ट में अमित मिश्रा का नाम आने के बाद उनको बधाई देने वालो का होड़ लगी हुई है। आपको बताते चले कि प्रमोशन की इस लिस्ट में वाराणसी दुर्गाकुंड चौकी पर और शिवपुर थाने की थानाध्यक्ष रही तारावती देवी का भी नाम शामिल है। तारावती देवी इस समय जौनपुर ज़िले में पोस्ट हैं।वाराणसी के प्रमोशन पाए एसआई में संजय कुमार शाही महेश प्रसाद, कुलदीप दुबे, संध्या सिंह, अनीता सिंह, जीतेन्द्र प्रताप सिंह, अश्वनी पाण्डेय, आशा ओझा, राणा प्रताप सिंह, अमित कुमार मिश्रा, सीमा सरोज के नाम हैं।
Read More

336 सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर की पदोन्नति लिस्ट में पूर्व चौक थानाध्यक्ष अमित मिश्रा का नाम भी शामिल ,जारी हुई लिस्ट

वाराणसी।आज उत्तर प्रदेश पुलिस में जारी हुई प्रमोशन लिस्ट में कुल 336 सब इस्पेक्टर को इस्पेक्टर पद पर प्रमोशन देकर नियुक्ति दी गयी है। जिसमें वाराणसी के चौक थाना पर थानाध्यक्ष रहे और वर्त्तमान समय में सिगरा थाने पर अब तैनात एसएसआई अमित मिश्रा अब इंस्पेक्टर अमित मिश्रा के नाम से जाने जायेंगे। उत्तर प्रदेश पुलिस की आज जारी हुई प्रमोशन की लिस्ट में अमित मिश्रा का नाम आने के बाद उनको बधाई देने वालो का होड़ लगी हुई है। आपको बताते चले कि प्रमोशन की इस लिस्ट में वाराणसी दुर्गाकुंड चौकी पर और शिवपुर थाने की थानाध्यक्ष रही तारावती देवी का भी नाम शामिल है। तारावती देवी इस समय जौनपुर ज़िले में पोस्ट हैं।वाराणसी के प्रमोशन पाए एसआई में संजय कुमार शाही महेश प्रसाद, कुलदीप दुबे, संध्या सिंह, अनीता सिंह, जीतेन्द्र प्रताप सिंह, अश्वनी पाण्डेय, आशा ओझा, राणा प्रताप सिंह, अमित कुमार मिश्रा, सीमा सरोज के नाम हैं।
Read More

कोरोना संकट के बीच इंसानियत की जीत: मुस्लिम समाज ने हिंदू बुजुर्ग का करवाया अंतिम संस्कार, खुद बनाई अर्थी और दिया कंधा सहावर में दिखी हिन्दू - मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल अंतिम यात्रा में अर्थी को कांधा देकर पेश की मिसाल

कोरोना वायरस के खौफ के चलते लगाए गए साप्ताहिक लॉकडाउन के बीच सहावर ब्लाक के गांव गणका में हिन्दू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिली है। बता दें कि यहां मुस्लिम आबादी के बीच रहने वाले हिन्दू समुदाय के एक बुजुर्ग का देहान्त हो गया था। इसी बीच गांव के मुस्लिमों ने अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाते हुए, अंतिम संस्कार की सभी सामग्री को एकत्र किया,बल्कि अर्थी को कांधा देकर पूरे हिंदू रीति-रिवाज से मृतक को अंतिम विदाई भी दी। मुस्लिम समुदाय द्वारा की गई इस पहल की अब हर कोई चर्चा कर रहा है। दरअसल यह मामला सहावर ब्लाक के मुस्लिम बाहुल्य गांव गणका का है। आपको बता दें कि गांव के ही हाजी राशिद अली ने बताया कि पन्द्रह वर्ष पूर्व गणका रेलवे स्टेशन पर 80 वर्षीय वृद्ध बाबा हरीओम पंडित मिले । जो कि काफी बीमार थे । उनकी परेशानी देख राशिद अली उन्हें अपने घर ले आए और उन्हें रहने के लिए जगह दे दी। तभी से वह वहां रह रहे थे। उनकी देखभाल व खाने पीने का इंतजाम आसपास के गांव के ही लोग कर रहे थे। शनिवार सुबह अचानक उनका निधन हो गया तो उनके अंतिम संस्कार करने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरा इंतजाम किया, खुद ही अपने हाथों से नहलाया, अर्थी को बनाया, पिंड लगाकर सभी मुस्लिम समाज के लोगों ने वृद्ध को कंधा देकर श्मशान भूमि पर ले जाकर अंतिम संस्कार किया। वृद्ध को मुखाग्नि हाजी राशिद अली ने दी। मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा वृद्ध का अंतिम संस्कार चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग खुलकर मुस्लिम समुदाय के उन लोगों की तारीफ कर रहे हैं, जिन्होंने पूरे रीति-रिवाज के साथ एक हिन्दू का अंतिम संस्कार किया है।
Read More