September 20 ,2021

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आस-पास

जरूरतमंदों की मदद करना विद्या भारती का मुख्य उद्देश्य। डॉ सतीश सिंह

बलरामपुर कोविड-19 महामारी के संक्रमण को देखते हुए जरूरतमंदों एवं गरीबों के मदद के लिए सरस्वती शिशु मंदिर के प्रबंध तंत्र ने आगे हाथ बढ़ाते हुए खाद्य सामग्री का वितरण किया है विद्यालय प्रबंधन डॉ. सतीश सिंह ने कहा कि महामारी के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विद्या भारती के तत्वाधान में सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज प्रांगण में खाद्य सामग्री का वितरण किया गया उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास ही इस क्षेत्र में व्याप्त नहीं है प्रत्येक जनमानस को कोरोना कर्फ्यू के दौरान आगे आकर गरीब निराश्रित बेसहारा चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति गरीबी और लाचारी से भूखा ना सोने पाए उन्होंने कहा कि विद्या भारती का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों की सदैव मदद करना रहा है इसी उद्देश्य के तहत विद्यालय प्रांगण में गरीब निराश्रित बेसहारा जरूरतमंदों को खाद्यान्न सामग्री वितरित किया गया है विद्यालय का सदैव प्रयास रहा है कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना इसी के तहत जरूरतमंदों की मदद करने का प्रबंधन ने निर्णय लिया जिसके तहत गरीबों को निशुल्क राशन वितरण किया गया है विद्यालय प्रबन्धक डॉक्टर सतीश कुमार सिंह प्रधानाचार्य तिलकराम पाठक राम तीरथ यादव ने जरूरतमंद गरीबों को खाद्यान्न सामग्री का निशुल्क वितरण करते हुए इस महामारी के सभी को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की है
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बारिश में सैकड़ो लोगो को मौत का दावत दे रहा नहर का पुलिया

(बलरामपुर) रेहरा-सादुल्ला नगर रोड पर मिलती सड़क जो विशुनपुर खरहना से आती है इस सड़क पर नहर विभाग का पुलिया है जो आस पास के लोगों को दे रहा है खतरों का दावत अगर थोड़ा सा भी बारिश हो जाये तो ग्रामीण को इस नहर के पुलिया को पार करना अपनी जान से खेलना साबित होता है, नहर विभाग और ठेकेदार की मिली भगत से पुलिया तो बन गया लेकिन पुलिया के दोनों तरफ मिट्टी पाटकर भाग गये जब कि इस रास्ते से सैकड़ों लोगों का आना जाना लगा रहता हैं लोगो को नहर को पार करना अपनी जान से खेलना साबित हो रहा है, अगर आने जाने वाले राहगीरों के साथ कोई बड़ा हादसा हो जाता है, तो इसके जिम्मेदार नहर विभाग के अधिकारी होंगे।
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कोरोना संक्रमित मृतक का शव अंतिम संस्कार नहीं राप्ती नदी में फेंका गया

बलरामपुर। जिले में एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इसमें कोरोना से मौत के बाद शव का अंतिम संस्कार करने की बजाय परिवार और हेल्थ वर्कर उसे राप्ती नदी में फेंक रहे हैं। वीडियो में जिस व्यक्ति ने पीपीई किट पहन रखी है, उसे अस्पताल का स्टाफ बताया जा रहा है।घटना कोतवाली नगर क्षेत्र के राप्ती नदी पर बने सिसई घाट पुल की है। वीडियो में दो युवक एक शव को राप्ती नदी के पुल से नदी में फेंकते हुए नजर आ रहे हैं। शव को राप्ती नदी में फेंके जाने के समय वहां से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने यह वीडियो बनाया है। शव फेंकने वाले दोनों युवकों की पहचान हो गई है। दोनों मृतक के परिवार के ही सदस्य हैं। इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ है। लेकिन सवाल ये खड़े हो रहे हैं कि ये तो सिर्फ एक वीडियो है, जिसमें पता चल गया कि शव फेंका जा रहा है। लेकिन क्या और भी शव राप्ती फेंके जा रहे हैं? जिनके जवाब मिलने बाकी हैं। सीएमओ डॉ. विजय बहादुर सिंह ने बताया कि राप्ती नदी में फेंका गया शव सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ के रहने वाले प्रेम नाथ मिश्र का है। 25 मई को कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें एल टू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 28 मई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।सीएमओ ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत मृतक के शव को उनके परिजनों को सौंप दिया गया था। कोतवाली नगर में महामारी एक्ट में केस दर्ज करा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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ग्रामीण बैंक के दैनिक अथवा अंशकालिक कर्मचारियों को इसके लाभ की कोई व्यवस्था नहीं की गई -जिलाकार्यालय मंत्री अभिषेक राही

उतरौला(बलरामपुर) ग्रामीण बैंक के दैनिक वेतन भोगी, अंशकालिक कर्मचारियों के साथ हो रहे घोर उपेक्षा, अन्याय व सौतेला व्यवहार के खिलाफ अरेबिया के जिला कार्यालयमंत्री अभिषेक राही,सचिव निराला, संगठन सचिव अमित कुमार विश्वकर्मा ने भारत सरकार और नाबार्ड को पत्र लिखकर बड़ी चिंता जाहिर करते हुए इनके सुरक्षा व राष्ट्रीय कृत बैंक कर्मियों की तरह बेहतर व्यवस्था की मांग करी है। पत्र में लिखा है कि कोरोनावायरस, ब्लैक फंगस महामारी के चलते देश के अधिकतर राज्यों में लॉकडाउन लगा है। लॉकडाउन के चलते कारोबार, व्यापार,अस्त व्यस्त है। लोगों को आर्थिक परेशानियों से गुजारना पड़ रहा है। कोरोना की पहली लहर हो या अब चल रही दूसरी लहर। जहां एक तरफ सरकार लोगों को घरों में रहने का निर्देश दे रही है। तो वहीं इस महामारी में नागरिकों को राहत देने के लिए देश की राष्ट्रीयकृत बैंक और उनके कर्मचारी निरंतर कार्य में डटे हुए हैं। इन्हीं की तरह ग्रामीण बैंकों के लाखों दैनिक एवं अंशकालिक कर्मचारी भी कोरोना योद्धा के रूप में अपनी सेवाएं देकर अपना फर्ज निभा रहे हैं। लेकिन इन्हें राष्ट्रीय कृत बैंकों के कर्मचारियों की तरह लाभ ना मिल पाना इनके साथ सौतेला व्यवहार करने जैसा है। इन कर्मीयों का कहीं भी जिक्र तक नहीं किया जा रहा है। जबकि अंशकालिक एवं दैनिक वेतन कर्मचारी ग्राहकों के सामने द्वारपाल की तरह सबसे पहले पेश होकर बैंकों में आने वाले ग्राहकों के समस्याओं से अवगत होकर संबंधित काउंटर तक पहुंचाते हैं। लेकिन इनकी सुरक्षा का कोई प्रबंध तक नहीं है। ऐसे में यह कहने में कोई हर्ज नहीं होगा कि कोरोनावायरस की चपेट में आने या इसका शिकार होने की स्थिति में इन कर्मचारियों से बैंक द्वारा पल्ला झाड़ लिया जाएगा। देश की मौजूदा 40 ग्रामीण बैंकों में लगभग चालीस हजार की संख्या में ऐसे दिहाड़ी वर्कर्स कार्यरत हैं। साफ सफाई व मैसेंजर की खाली सीट पर बदली कर्मचारी के रूप में पिछले कई वर्षों से काम कर रहे हैं। बिना नागा किए रोजाना कार्यालय आकर काम करने वाले इन कर्मचारियों का कोई भी रिकॉर्ड तक मौजूद नहीं है। इनका मानदेय भी शाखा प्रबंधक निकालता है। और अपनी इच्छा अनुसार इनको मानदेय देता है। ग्रामीण बैंक में दैनिक वेतन या ठेके पर तथा अंशकालिक कर्मचारी के रूप में काम करने वाले कर्मचारी की मजदूरी निर्धारित करने वाला नाबार्ड भी कोरोना जैसी महामारी के दौर में इन्हें भूल बैठा है। नाबार्ड द्वारा जारी आदेश में भी इन कर्मियों का कोई जिक्र ना होना दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्रामीण बैंकों को छोड़कर अन्य राष्ट्रीय कृत बैंकों के अंशकालिक व दैनिक कर्मचारियों को अतिरिक्त वेतन लाभ देने तथा कोरोना के कारण बीमा आदि का लाभ दिए जाने की व्यवस्था की गई है लेकिन ग्रामीण बैंक के दैनिक अथवा अंशकालिक कर्मचारियों को इसके लाभ की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। महामारी के इस दौर में सरकार और बैंक दोनों ही इन्हें भूल गए हैं कर्मचारियों के लिए आने वाले तमाम लाभो को पाने वाले कर्मचारियों की सूची में इनका नाम खोजने से भी नहीं मिलता बड़ी ही मासी इनके चेहरे पर उस वक्त देखी जा सकती है जब सफाई कर्मचारियों के लिए कोई पैकेज आता है और इन्हीं के सामने इनके साथ काम करने वाले अन्य कर्मचारियों का उठाते हैं। लेकिन इस अन्याय के खिलाफ भी कोई आवाज नहीं उठा रहा है।
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शासन का एकतरफा आदेश निजी स्कूलों के साथ सौतेला व्यवहार। महासंघ

बलरामपुर निजी स्कूलों के शिक्षकों को वेतन प्रबन्धक प्रधानाचार्य तत्काल निर्गत करें अभिभावकों से बच्चों का फीस मैं सहूलियत बरतें ऑनलाइन कक्षाएं हर हाल में प्रत्येक बच्चों को दें आदि निर्देश शासन से निजी स्कूल के प्रबंधक प्रधानाचार्य को निर्गत किया गया है लेकिन शिक्षक कर्मचारी को वेतन प्रबंधक प्रधानाचार्य कैसे दें जब स्कूलों मैं अध्ययनरत बच्चे फीस जमा ही नहीं कर रहे हैं ऑनलाइन कक्षाएं कैसे संचालित की जाए जब फीस ही विद्यालय को नहीं मिल रहे हैं इन इन समस्याओं पर सरकार का जाना जाना सिर्फ एक पक्षीय प्रबन्धक ओ प्रधानाचार्य पर आदेश देना तानाशाही से कम नहीं है यह दर्द उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय प्रबंधक प्रधानाचार्य महासंघ की बैठक में प्रबन्धक में प्रधानाचार्य का छलका है महासंघ की कोविड-19 के तहत बैठक सन जेवियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल सभागार में आयोजित की गई। बैठक में निजी स्कूलों के लगातार 14 महीने से बंद होने के कारण प्रबन्धक प्रधानाचार्य शिक्षक कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर अग्रिम रणनीति बनाई गई है बैठक में जिलाध्यक्ष एमपी तिवारी ने कहां कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं सूबे की सरकार निजी स्कूलों के 14 महीने से बंद होने की समस्याओं को नजरअंदाज किए हुए हैं प्रबन्धक प्रधानाचार्य शिक्षक कर्मचारी दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है लेकिन इस समस्या पर केंद्र व राज्य सरकार का गंभीर ना होना प्रबन्धक प्रधानाचार्य शिक्षक कर्मचारियों के प्रति सौतेला व्यवहार है संरक्षक डॉ नितिन कुमार शर्मा ने कहां की राज्य एवं केंद्र सरकार निजी स्कूलों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो पूरे प्रदेश में निजी स्कूल एकजुट होकर समस्याओं को सदन में रखने को मजबूर होंगे इसके लिए बैठक में प्रबन्धक प्रधानाचार्य ने रणनीति बनाई है मौसम संयोजक डॉ अविनाश पांडे ने कहा की सरकार को चाहिए कि अभिभावक छात्रों की समस्याओं के साथ-साथ विद्यालयों के प्रबंधक प्रधानाचार्य व शिक्षक कर्मचारियों के पक्ष को भी समझें उनकी समस्याओं को भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराएं जिस विद्यालय में फीस नहीं आएगी उच्च विद्यालय जे प्रबन्धक प्रिंसिपल एवं शिक्षक कर्मचारियों को वेतन कहां से देंगे यह एक यक्ष प्रश्न है जिस पर सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है प्रबन्धक कब नहीं चाहेगा कि प्रिंसिपल शिक्षक कर्मचारियों को वेतन ना दें या बच्चों के अभिभावकों को किसी समस्या का सामना करने के लिए छोड़ दें सरकार का फरमान एक तरफा है जिसका संगठन विरोध करेगा सरकार जिस तरह से विद्यालय के प्रबंधक को principal शिक्षक कर्मचारियों को वेतन देने बच्चों को फीस में सहूलियत देने का फरमान जारी किया है उसी तरह से एक आदेश स्कूलों के संबंध में जारी करें कि जो सरकारी कर्मचारी हैं जिनके बच्चे स्कूलों में पंजीकृत हैं वह हर हाल में फीस जमा करें जो गरीब या मध्यम वर्ग के बच्चे हैं उन्हें फीस किस्तों में जमा करने सहूलियत दिया जाए फिर आने पर निश्चय ही प्रबन्धक बच्चों अभिभावकों शिक्षक कर्मचारियों को जरूर खुश रखेंगे और पूरी ईमानदारी के साथ ऑनलाइन तालीम देने का कार्य करेंगे समस्याओं को लेकर महासंघ रविवार को जूम मीटिंग करके सभी प्रबंधक प्रधानाचार्य से अग्रिम रणनीति तय करेंगे जिसमें निजी स्कूलों की समस्याओं को सरकार द्वारा नजरअंदाज किए जाने पर सांकेतिक हड़ताल वहां पर काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन प्रत्येक विधानसभा के विधायक को मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को 5 सूत्री मांग पत्र सौंपेंगे साथ ही साथ जिला प्रशासन एवं सांसद को मांग पत्र सौंपने के दौरान वहां पर काला फीता बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह कलहंस एवं उपाध्यक्ष वीर गौरव सिंह ने संयुक्त रूप से कहा है कि सरकार सिर्फ अपनी शर्तों को निजी स्कूलों पर लागू कराना चाहती है लेकिन उनकी समस्याओं पर गंभीर ना होना निश्चय ही सौतेला व्यवहार किया जाना है जिसके लिए संगठन अब आर पार की बात करेगा संगठन शासन की नीतियों का विरोध नहीं करता है लेकिन स्वयं की परेशानियों से राहत की सरकार से मांग करता है मांगना पूरा होने पर पूरे प्रदेश में संगठन विरोध प्रदर्शन करेगा निजी स्कूलों की समस्याओं पर सैफ अली खान अंसार अहमद असलम शेर खान समीर रिजवी रीता चौधरी डॉक्टर पम्मी पांडे रमेश चंद्र त्रिपाठी हेमन्त तिवारी केपी यादव धर्मेंद्र यादव सरोज पांडे रंजना पांडे नरसिंह मिश्रा सुरेंद्र मौर्य डॉक्टर रंजन तिवारी डीपी सिंह अक्षत पांडे फादर अरुण मॉरिस मंजीत सिंह डॉ सतीश सिंह जेपी पांडे सुधीर आनंद आलोक मिश्रा आदि ने एक स्वर में महासंघ के द्वारा लिए गए निर्णय पर सहमत जताया है
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ब्याह रचाने हेलीकॉप्टर से पहुंचा दूल्हा देखने वालों की लगी भीड़

आगरा में लॉकडाउन के दौरान शादी समारोह लेकर तमाम तरह की बंदिशें की गई है इसके बाद जहां कई परिवार बिल्कुल सादगी से शादी समारोह के आयोजन संपन्न कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग अलग अलग तरीके से अपने विवाह को स्पेशल बना रहे हैं। कहीं जोड़ियां आसमान में बन रही हैं तो कहीं दूल्हे राजा आसमान से उतर कर अपनी होने वाली रानी से ब्याह रचा रहे हैं।ऐसा ही कुछ हाथरस में देखने को मिलाआगरा जिले का छोरा हेलीकॉप्टर से बारात लेकर हाथरस जिले के गांवपरसारापहुँचा गांव में जैसे ही हेलीकॉप्टर उतरा तो ग्रामीणों कीभीड़ लग गयी लड़की केपरिजनों के साथ ग्रामीणों ने बारातियों के स्वागत किया गया गांव में हेलीकॉप्टर उतारने के लिए गांव के पूर्व प्रधान और परिजनों की ओर से प्रशासन से अनु‌मति ली गई थी प्रशासन की ओर से सभीऔपचारिकताओं को पूरा करते हुए अनुमति प्रदान की गई थी इसको लेकर गांव परसारा में हैलीपेड भी बनाया गया। जहां अग्निश्मन की गाड़ी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे हाथरस शहर से करीब 8किलोमीटर दूर गांव परसारा में बारात के दौरान दूल्हाअपनी दुल्हन को लेने के लिए पहुंचा तो नजारा देखकर सब हैरान हो गए। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि लॉकडाउन की अवधि में दूल्हा एक या दो चार पहिया वाहनों से शादी समारोह में शामिल होने के लिएआएगा लेकिन दूल्हा हेलीकॉप्टर से दुल्हन को लेने के लिए पहुंचा इस नजारे देख ग्रामीण हतप्रभ रहगए गांव परसारा निवासी पूर्व प्रधान शिशुपाल सिंह राना की बेटी की शादी सांधन अछनेरा जिला आगरा के रहने वाले अजय जादौन के साथ तय हुई थी अजय जादौनऔर कुछअन्य बाराती हेलीकॉप्टर से गांव पहुंचे

हेलीकॉप्टर से पहुंचे बारातियों का ग्रामीणों ने जोशीला स्वागत किया मंगलवार की सुबह दूल्हा अपनी दुल्हन को लेकर हेलीकॉप्टर अपने गांव सांधन के लिए रवाना हुआ इस शादी समारोह के दौरान कोविड नियमों का पूरापालनकिया गया सरकार कीओर से शादी समारोह के लिए जो गाइडलाइन तय की गई थी उसका पालन करते हुए शादी की गई हेलिकॉप्टर से बारात का आना ग्रामीणों के लिए उत्साह का विषय बना हुआ उनका कहना था पहले गांव में इस तरह की शादी नहीं हुई।

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भावनात्मक रूप से अपनों से बनी रहे करीबी : पल्लवी

कोविड-19 से बचाव के लिए  शारीरिक दूरी बनाकर रखें न कि मानसिक

परिधि समाचार ब्यूरो पीलीभीत

 

पीलीभीत, कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के दौरान दवा के साथ हौसले की अधिक  जरुरत है |  कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पूरे देश में टीकाकरण व  जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है फिर भी  बार - बार लॉक डाउन में लोगो को घर पर ही रहना पड़ रहा है, वहीँ कारोबारी चिंता भी सता रही है। ऐसे में नकारात्मक विचारों का पनपना स्वभाविक है , लेकिन विषमपरिस्थितियों  में अपने मन में किसी तरह का कोई नकारात्मक भाव न पैदा होने दें । कोरोना संकट के समय में अपनों से भावनात्मक रूप से दूर न हों,  शारीरिक दूरी बनाकर मानसिक रूप से  अपनों से जुड़े  रहें |

पल्लवी सक्सेना साईक्रेटिक सोशल वर्कर ने बताया कि कोरोना काल में एक दूसरे से मेलजोल कम होने की वजह से लोगो में तनाव, अवसाद व चिड़चिड़ापन   स्वभाव में शामिल हो गया है | ऐसे में  अगर परिवार के साथ हैं तो आपस में बातचीत करते रहें |  एक-दूसरे की बात ध्यान से सुनें | बेवजह टोकाटाकी से बचें |  रिश्तों में न गर्मजोशी रखें। यदि अकेले रह रहे हैं तो दिनचर्या में बदलाव लाएं |  खाली समय में मन पसंद कोई फिल्म या सीरियल देखें , किताबें पढ़ें, अपनी हॉबी के   काम करें | यदि कोई हॉबी नहीं हैं तो जिसे अपना सबसे करीबी समझते हैं उसे वीडियो कॉल या फोन करके भी बातचीत कर सकते हैं, इससे अवसाद तो कम होगा ही साथ ही साथ आप और सामने वाला व्यक्ति प्रसन्न भी महसूस करेगें ।  कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान घर में रहने का जो समय मिल रहा है , इसमें परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर भोजन करें तो एक अपनत्व बढ़ने के साथ ही अपनों की बातों को सुने और समझे। स्वस्थ माहौल से मानसिक तनाव अपने आप दूर हो जायेगा। पहले साथ में बैठकर भोजन करने का मौका कभी-कभी मिलता था , अब जब वक़्त मिल रहा है तो उसको सदुपयोग में लायें। 

क्या करें-

 

·         अफवाह न फैलाएं न  फैलाने दें |

 

·         मेडीटेशन , प्राणायाम , योगा करें |

 

·         8 घंटें की नीद लें और पौष्टिक आहार लें |

 

·         मौसमी फलों का सेवन करें या उनका जूस पियें |

 

·         पानी खूब पियें और गुनगुना  पानी पियें |

 

·         एक दूसरे की मदद करें ,लॉक डाउन का पालन करें |

 

·         बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय व्यतीत करें और उनको अधिक से अधिक बोलने का मौका दें |

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तेज रफ्तार कार ने बाइक में मारी टक्कर, तीन घायल

परिधि समाचार अमीर हुसैन की रिपोर्ट मुरादाबाद मुरादाबाद-अलीगढ़ हाईवे पर कार की टक्कर से बाइक सवार तीन लोग घायल हो गए। उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया है। सोमवार को रामपुर के शाहबाद क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी चंद्रसेन पुत्र सुखलाल, मान सिंह पुत्र कल्याण सिंह, सुखलाल पुत्र कंधे सिंह बाइक से मुरादाबाद रिश्तेदारी में गए थे। देर शाम घर लौटते समय मुरादाबाद-अलीगढ़ हाईवे पर गांव हुसैनपुर की पुलिया के पास पीछे से तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी पहुंचाया। जहां से सुखलाल व मान सिंह को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया है। दरोगा अश्वनी शर्मा ने बताया कि कार व बाइक को कब्जे में ले लिया है।
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बलदेव विधानसभा में हुई भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक

आज मथुरा के बल्देव विधानसाभ क्षेत्र में वर्तमान मंडल अध्यक्ष व पूर्व मंडल अध्यक्ष व कार्यकर्ताओं के बीच एक बैठक संपन्न हुई बैठक पूर्व मंडल अध्यक्ष श्री देवी सिंह जी के आवास पर हुई जिसमें मंडल अध्यक्ष श्यामवीर सिंह जी व देवी सिंह जी का स्वागत किया गया बैठक में रवि अहेरिया जिला मंत्री भाजपा ने सभी कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति मजबूती व सभी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए आगामी कार्यक्रमों को सकुशल संपन्न कराने के सुझाव दिए बैठक में सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया जिसमें मुख्य रुप से रवि अहेरिया जिला मंत्री भाजपा मथुरा मंडल अध्यक्ष देवी सिंह जी मंडल अध्यक्ष श्यामवीर सिंह जी महेश सिकरवार रिंकू हेमेंद्र सिकरवार आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे
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मथुरा : सौंख अड्डा स्थित पंजाब नेशनल बैंक के अंदर 4 लाख 15 हजार रु. की लूट

मथुरा। जनपद ने अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है लगातार हो रही लूट व अन्य अपराधिक घटनाओं से लोगों में दहशत व्याप्त है पुलिस कप्तान की लाख कोशिशों के बाद भी अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं। आज फिर एक बार दिनदहाड़े शहर के सौंख अड्डा रोड पर बैंक से रुपए निकाल कर लौट रहे एक वृद्ध से पल्सर सवार दो युवक लाखों रूपये से भरा थैला छीन कर फरार हो गए । दिनदहाड़े हुई इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया सूचना मिलते ही इलाका पुलिस के अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी उदय शंकर सिंह , एसपी ट्रैफिक फोर्स के मौके पर पहुंचे और बदमाशों की तलाश के लिए चेकिंग अभियान शुरू कराया। मिली जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत धोली प्याऊ क्षेत्र स्थित माली पाड़ा निवासी रमेश चंद्र मीणा पुत्र बिंद्रावन मीणा जो कि मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं अपने घर से सौंख अड्डा स्थित पंजाब नेशनल बैंक से अपने कारोबार के लिए बैंक से लोन की रकम निकालने के लिए आए थे यहां से उन्होंने 4 लाख 15 हजार की रकम निकालकर अपने बैग में रखी और वह बैंक से बाहर निकले तभी घात लगाए बैठे दो पल्सर सवार युवक उनके हाथ से बैग छीन कर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर एसपी सिटी उदय शंकर सिंह एसपी ट्रैफिक कमल किशोर व शहर कोतवाल भारी फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने बैंक मैनेजर के कमरे में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला उसमें पुलिस को काफी कुछ मिला है पुलिस ने पूरे शहर में नाकाबंदी कर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर का कहना है कि घटना की सूचना मिली है बदमाशों की तलाश की जा रही है जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा ।
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