June 18 ,2021

PS24 News
मीडिया का नया अवतार
हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2015/65733 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2016/71238 (दैनिक)
RNI - UPHIN/2017/75145 (मासिक)
Download App

खेल

टी20 विश्व कप में 100 फीसदी फिट होकर करेंगे ये काम


हार्दिक पंड्या बतौर ऑलराउंडर टीम में खेलते हैं, लेकिन बीते कुछ महीनों में उनका गेंदबाजी न करना चर्चा का विषय बना हुआ है. इसका करण उनकी फिटनेस है जिसके चलते वह गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं. पीठ की समस्या और कंधे की चोट से पंड्या काफी परेशान रहे हैं. उन्होंने आईपीएल-2021 के स्थगित होने तक गेंदबाजी नहीं की थी. वह कब इंटरनेशल स्तर पर गेंदबाजी करेंगे ये बात चर्चा का विषय है. पंड्या को श्रीलंका दौरे के लिए टीम में चुना गया है. इसी साल टी20 विश्व कप भी होना है और पंड्या को पता है कि उन्हें टीम में अपना योगदान देना होगा, सिर्फ बल्ले से नहीं बल्कि गेंद से भी और उनका पूरा ध्यान टी20 विश्व कप पर ही है.
पंड्या आईसीसी टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं. बायो-बबल में लगातार अंदर-बाहर हो रहे पंड्या काफी मेहनत कर रहे हैं. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया पोडकास्ट पर कहा, “मेरे लिए, मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं और मैं ऐसा कर सकूंगा, कि मैं टी20 विश्व कप के सभी मैचों में गेंदबाजी करूंगा. मैं बस थोड़ा स्मार्ट बनने की कोशिश कर रहा हूं और यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मैं इसे मिस न करूं. मेरा पूरा ध्यान विश्व कप पर है.”
पूरी तरह से फिट रहने की जरूरत
पंड्या को पता है कि उन्हें अपने चार ओवर अच्छे से करने के लिए पूरी तरह से फिट रहना होगा. उन्होंने इस बात को माना कि उनके लिए फिट रहना काफी अहम होगा. पंड्या ने कहा, “हां, गेंदबाजी को लेकर, मायने रखता है कि मैं कितना फिट हूं. मेरी सर्जरी के बाद भी, मैंने अपनी गति नहीं खोई है. मेरी गेंदबाजी मेरी फिटनेस से संबंधित है. मैं जितना फिट रहूंगा मैं उतना बेहतर कर सकूंगा. मैं जब भी खेलना चाहता हूं, पूरा 100 फीसदी फिट होकर खेलना चाहता हूं, 50 फीसदी फिट रहते हुए नहीं.”
आईपीएल-2021 में नहीं की गेंदबाजी
पंड्या ने आईपीएल-2021 में एक भी गेंद नहीं फेंकी. यह बताता है कि उन्हें गेंदबाजी करने में समस्या आ रही है. वह साथ ही बल्ले से भी कुछ खास नहीं कर पाए. आईपीएल-2021 स्थगित होने से पहले पंड्या ने सात मैच खेले और 8.66 की औसत से सिर्फ 52 रन बनाए. 
पंड्या वैसे भी लंबे अरसे से टेस्ट नहीं खेले हैं. उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच साउथैम्पटन में खेला था. तब से टेस्ट मैच नहीं खेले हैं. उन्होंने अभी तक भारत के लिए 11 टेस्ट मैच खेले हैं और 17 विकेट के साथ 532 रन बनाए हैं.

Read More

विराट कोहली से विवाद पर बोले एमएसके प्रसाद


भारतीय टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद की अक्सर विराट कोहली और रवि शास्त्री के सामने दबाव में आने के लिए आलोचना की जाती रही है. प्रसाद ने पहली बार इस मामले पर चुप्पी तोड़ी. उन्होंने बताया कि कभी-कभी विराट-शास्त्री के साथ उनकी इस कदर बहर हो जाती थी कि वो उनसे बात तक नहीं करते थे.क्रिकेट डॉट कॉम से बातचीत के दौरान एमएसके प्रसाद ने कहा, मैं अक्सर विराट कोहली  और रवि शास्त्री  से उलझ जाता था. अंत में हम सभी प्रोफेशनल हैं. हम सभी भारतीय क्रिकेट के भले के लिए काम कर रहे हैं.
एमएसके प्रसाद  का कार्यकाल साल 2019 में विश्व कप के बाद समाप्त हो गया था. उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हार्दिक पांड्या और रिषभ पंत जैसे सितारों को मौका देने के लिए भी जाना जाता है.एमएसके प्रसाद ने कहा, आप उनसे पूछिए कि प्रकार की बहस हमारे बीच होती थी. कभी-कभी तो हम मीटिंग के बाद एक दूसरे की शक्ल तक नहीं देखना चाहते थे. ये उनकी खासियत ही है कि अगले दिन सभी मीटिंग में साथ होते थे. मेरिट के आधार पर वो हमारे प्वाइंट्स का सम्मान करते थे.मैं एक मैनेजमेंट का स्टूडेंट रहा हूं. मुझे पता है कि चीजों का प्रबंधन कैसे करना है. लोग चाहते थे कि मैं सर्वाजनिक तौर पर कुछ लोगो पर आरोप लगाऊं. मैं ऐसा क्यो करूं जब मुझे पता है कि हम एक परिवार की तरह हैं. एमएसके प्रसाद ने कहा, अपने घर में भी हम अन्य सदस्यों के निर्णयों को पसंद व ना पसंद करते रहे हैं लेकिन क्या मैं सार्वजनिक तौर पर उनके खिलाफ कुछ कह सकता हूं.विराट कोहली और रवि शास्त्री आपको बताएंगे कि हमारे बीच किस प्रकार से उग्र बहस होती थी. क्योंकि हमारे बीच हुई बहस कभी सार्वजनिक तौर पर नहीं आई. इसका ये मतलब नहीं है कि उनसे झुक गए. कौन जानता है कि हमने बहुत से मुद्दो पर उनसे अपनी बात मनवाई.

 

Read More

बांग्लादेश को हल्के में लेने की भूल नहीं करेगी भारतीय फुटबॉल टीम

भारतीय पुरुष फुटबाल टीम सोमवार को यहां जसीम बिन हमाद स्टेडियम में होने वाले फीफा विश्व कप 2022 और एएफसी एशियन कप 2023 के क्वालीफिकेशन के अपने अगले मैच में बांग्लादेश से भिड़ेगी। कोच इगोर स्टीमाक के मार्गदर्शन में खेल रही भारतीय टीम को गुरुवार को खेले गए पिछले मुकाबले में एशियन चौंपियन कतर के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था।
उस मैच में भारतीय टीम को 28वें मिनट से ही 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा था और 34वें मिनट में जाकर उसे गोल खाने को मजबूर होना पड़ा। लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी रक्षापंक्ति को टूटने नहीं दिया।
बांग्लादेश की टीम इस समय फीफा विश्व रैंकिंग में 186वें नंबर पर है जबकि भारतीय टीम 105वें नंबर पर है। इसके बाद भारतीय टीम को अपना अगला मुकाबला 15 जून को अफगानिस्तान के खिलाफ खेलना है।
भारतीय स्ट्राइकर मनवीर सिंह ने मैच की पूर्वसंध्या पर कहा, बांग्लादेश एक बहुत ही अच्छी टीम है। पिछली बार जब हम कोलकाता में खेले थे, तो उन्हें हराना बहुत मुश्किल था। वे बहुत तेज आक्रमण करते हैं और वे हमेशा एक दूसरे के लिए सपोर्ट करते हैं। यह हमारे लिए बहुत कठिन मैच होगा।
भारत को हराने के बाद कतर के 19 अंक हो गए। कतर की टीम ओमान से सात अंक आगे है। भारत के छह मैचों से तीन अंक हैं। उधर, बांग्लादेश और अफगानिस्तान ने गुरुवार को ही ग्रुप ई के दूसरे मुकाबले में 1-1 से ड्रॉ खेला।
डिफेंडर प्रीतम कोटाल ने कहा, लोग अक्सर उनकी फीफा रैंकिंग के आधार पर बांग्लादेश को एक टीम के रूप में आंकने की गलती करते हैं। हम उनकी टीम की गुणवत्ता से अवगत हैं। बांग्लादेश में फुटबॉल की हमेशा से ही गेंद के साथ बहुत सहज रहने की परंपरा रही है। वे बहुत अच्छे तकनीकी टीम हैं। हमारे अंदर उनके लिए बहुत सम्मान है। भारत 2023 एशियन कप के लिए क्वालीफाई करने की दौड़ में है। वह फीफा विश्व कप की दौड़ से बाहर हो चुका है।
इस मुकाबले के लिए संभावित टीमें-
भारत: गुरप्रीत सिंह संधू, अमरिंदर सिंह, धीरज सिंह, प्रीतम कोटल, राहुल भेके, नरेंदर गहलोत, चिंग्लेनसाना सिंह, संदेश झिंगन, आदिल खान, आकाश मिश्रा, सुभाशीष बोस, उदांता सिंह, ब्रैंडन फनार्डेस, लिस्टन कोलाको, रोवलिन बोरगेस, ग्लान मार्टिस, अनिरूद्ध थापा, प्रणॉय हलदर, सुरेश सिंह, लालेंगमाविआ राल्ते, अब्दुल साहल, यासिर मोहम्मद, लालियानजुआला चंगाटे, बिपिन सिंह, आशिक कुरुनियान, इशान पंडीता, सुनील छेत्री कप्तान) और मनवीर सिंह।
बांग्लादेश: अनीसुर रहमान ज़िको, रसेल महमूद लिटन, शाहिदुल यूसुफ सोहेल, यासीन अराफात, रहमत मिया, टोपू बर्मन, रिमोन हुसैन, मेहदी हसन मिठू, तारिक काजी, हबीबुर रहमान सोहाग, रियादुल हसन रफी, मोहम्मद एमोन, जमाल भुइयां कप्तान) मसुक मिया जॉनी, बिप्लू अहमद, सोहेल राणा, मोहम्मद अब्दुल्ला, माणिक हुसैन मोल्ला, रकीब हुसैन, मोतिन मिया, मेहदी हसन रॉयल, सुमन रजा, मोहम्मद ज्वेल, मोहम्मद इब्राहिम, महबूब रहमान सूफिल।

 

Read More

सुनील गवास्कर ने भारत-इंग्लैंड सीरीज की किया भविष्यवाणी

महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में विराट कोहली  की टीम इंडिया शानदार प्रदर्शन करेगी. सुनील गावस्कर का मानना है कि इंग्लैंड में अगस्त और सितंबर में भारत के जैसी गर्मी रहती है और इसका फायदा मेहमान टीम को मिलेगा. सुनील गावस्कार ने इससे पहले भी कहा था कि इस बार टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर कुछ हटकर करेगी.
सुनील गावस्कर ने भविष्यवाणी भी की है कि टीम इंडिया इंग्लैंड को उसी के ार में 4-0 से मात देगी. सुनील गावस्कर ने द टेलीग्राफ से बातचीत में कहा,
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज डब्ल्यूटीसी फाइनल के 6 सप्ताह से ज्यादा समय बाद शुरू होगी. तो एक मैच के नतीजे का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. भारत यह सीरीज 4-0 से जीतेगा क्योंकि मुकाबले अगस्त-सितंबर में खेले जाने है.सुनील गावस्कर के इस बयान से ठीक एक दिन पहले ही टीम इंडिया इंग्लैंड पहुंची है जहां 18 को वर्ल्ड टेस्ट चौंपियनशिप के फाइनल से वो अपने इंग्लैंड दौरे की शुरूआत करेगी.
इंग्लैंड हरा विकेट करेगा तैयार- सुनील गावस्कर
इंग्लैंड की स्थिति में ड्यूक गेंदों को फायदा मिलता है, जो काफी मूव होती है. भारत के पूर्व महान बल्लेबाज ने कहा कि इसमें कोई हैरानी नहीं कि इंग्लैंड हरा विकेट तैयार करे। ध्यान हो कि इंग्लैंड ने इस साल भारत दौरे के दौरान स्पिन के लिए मददगार पिच पर निराशा व्यक्त की थी. सुनील गावस्कर ने कहा, इस साल की शुरूआत में भारत की पिच पर अफसोस जताने वाली इंग्लैंड इस बार पिच पर ाास रख सकती है. इसमें कोई चिंता की बात नहीं। भारत के पास गेंदबाजी आक्रमण है जो इंग्लिश बल्लेबाजों को मुसीबत में डाल सकता है.गौरतलब है कि इंग्लैंड रवाना होने से पहले सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया को सतर्क करते हुए कहा था कि भारत में हार से खिसियाए अंग्रेज अपने यहां हरा विकेट तैयार कर सकते हैं. हालांकि सुनील गावस्कर ने ये भी कहा था कि इसका उल्टा खामियाजा इंग्लैंड को ही भुगतना पड़ा सकता है क्योंकि टीम इंडिया के पास शानदार तेज गेंदबाजी आक्रमण है.
टीम इंडिया पहुंची इंग्लैंड
बता दें कि भारतीय टीम इस समय साउथैम्प्टन से जुड़े होटल में ठहरी है, जहां उसका दोबारा परीक्षण होगा. एकांतवास के दौरान खिलाड़यिों का नियमित रूप से परीक्षण होगा. प्रत्येक राउंड में निगेटिव आने के बाद खिलाड़यिों की गतिविधि का दायरा बढ़ाया जाएगा.एकांतवास से छोटे ग्रुप और फिर स्क्वाड गतिविधियां कर सकेंगे. न्यूजीलैंड की टीम इस समय इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है. वह 15 जून को डब्ल्यूटीसी फाइनल बबल में आएगी.साउथैम्प्टन में 18 जून को दोनों टीमों के बीच वर्ल्ड टेस्ट चौंपियनशिप का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा.

 

Read More

विराट कोहली से तुलना पर बाबर आजम ने दिया ऐसा रिएक्शन

बाबर ने बताया, विराट कोहली दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने हर जगह और बड़े मैचों में प्रदर्शन किया है. जब लोग हमारी तुलना करते हैं, तो मैं दबाव महसूस नहीं करता.विराट कोहली और बाबर आजम दोनों दुनिया के बेस्ट प्लेयर्स में से एक हैं. कोहली और आजम वास्तव में आधुनिक युग के दो बेहतरीन बल्लेबाज हैं और सभी फॉर्मेट में उनके रिकॉर्ड शानदार हैं. दोनों खिलाड़ी अपने देश के लिये शानदार प्रदर्शन करते आ रहे हैं. उनके खेलने के स्टाइल में भी काफी समानता है, जिसके कारण काफी वक्त से दोनों के बीच ये तुलनाएं होती आ रही हैं. जहां कई विशेषज्ञों ने कोहली को एक बेहतर बल्लेबाज के रूप में चुना, वहीं कुछ ने बाबर आजम का समर्थन किया है.अब बाबर आजम ने खुद इस ट्रेंडिंग टॉपिक पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उनके विचार वास्तव में दिलचस्प हैं. पाकिस्तान के कप्तान ने कोहली को बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि वह भारतीय कप्तान की तुलना खुद से होने पर गर्व महसूस करते हैं.
जब लोग हमारी तुलना करते हैं तो मुझे दबाव महसूस नहीं होता- बाबर आजम
बाबर ने बताया, विरkट कोहली दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने हर जगह और बड़े मैचों में प्रदर्शन किया है. जब लोग हमारी तुलना करते हैं, तो मैं दबाव महसूस नहीं करता, मुझे गर्व महसूस होता है. क्योंकि वे मेरी तुलना इतने बड़े खिलाड़ी से कर रहे हैं.उन्होंने आगे कहा कि व्यक्तिगत रूप से मुझे नहीं लगता कि तुलना होनी चाहिए. लेकिन लोग ऐसा करते हैं और मुझे खुशी होती है.
कोहली के लगभग आठ साल बाद बाबर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के कारण जाहिर तौर पर उनके रन टैली में भारी अंतर है. हालांकि, पाकिस्तान के स्टार ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में काफी प्रगति की है. लगातार वह पाकिस्तान के लिये अच्छा प्रदर्शन करते आ रहे हैं. बाबर को अब अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है.

Read More

सुपर सिक्स फॉर्मेट के आधार पर होगा वर्ल्ड कप

क्रिकेट वर्ल्ड कप को लेकर एक बार फिर से बड़ा बदलाव होने वाला है। यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की तरफ से किया जाएगा। जानकारी के अनुसार एक बार फिर से इस टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी और राउंड रॉबिन की जगह सुपर सिक्स फॉर्मेट के आधार पर वर्ल्ड कप खेला जाएगा। आईसीसी यह फॉर्मेट 2027 वर्ल्ड कप में लागू करेगी।
इंग्लैंड वर्ल्ड कप को 10 टीमों तक ही सीमित रखने के पक्ष में नहीं
बता दें साल 2003 वर्ल्ड कप में सुपर सिक्स फॉर्मेट का इस्तेमाल किया गया था। वहीं, साल 2019 वर्ल्ड कप में आईसीसी ने राउंड रॉबिन फॉर्मेट को अपनाया जिसमें 10 टीमों ने हिस्सा लिया और एक टीम ने 9 मैच खेले। एक रिपोर्ट की मानें तो आईसीसी की बैठक में साल 2015, 2019 और 2003 सुपर सिक्स मॉडल पर चर्चा की गई। इस बैठक में ये बात सामने आई कि 10 टीम के मॉडल से सबसे ज्यादा फायदा मिला जबकि 2015 के मॉडल से सबसे कम फायदा हुआ। वहीं सुपर सिक्स मॉडल दोनों के बीच में रहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंग्लैंड वर्ल्ड कप को 10 टीमों तक ही सीमित रखने के पक्ष में नहीं था।
सुपर सिक्स मॉडल को समझें
सुपर सिक्स मॉडल में 14 टीमें दो ग्रुप में बांटी जाती हैं। दोनों ग्रुप में एक टीम 6-6 मैच खेलती है। दोनों पूल की टॉप 3 टीमें सुपरसिक्स राउंड में पहुंचती हैं, जो टीमें पहले राउंड में ज्यादा मैच जीतती हैं उन्हें सुपर सिक्स राउंड में फायदा होता है क्योंकि ज्यादा मैच जीतने की वजह से उनके अंक अगले राउंड में भी गिने जाते हैं। सुपर सिक्स स्टेज में एक टीम अन्य पांच टीमों से भिड़ती हैं और उसके बाद अंकों के आधार पर टॉप 4 टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाती हैं। सुपर सिक्स फॉर्मेट में वर्ल्ड कप में कुल 54 मैच होंगे जबकि 2019 में 48 मैचों का ही आयोजन हुआ था।
2003 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची थी
मालूम हो कि वर्ष 2003 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन रहा था। टीम इंडिया फाइनल तक पहुंची थी। लीग स्टेज और सुपर सिक्स में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में केन्या को हराया था। हालांकि, खिताबी मुकाबले में उसे ऑस्ट्रेलियाई टीम से हार का सामना करना पड़ा था।

 

Read More

आसान नहीं भारतीय टीम के लिए इंग्लैंड दौरा


 अगले महीने 2 जून को भारतीय टीम  को इंग्लैड दौरे पर जाना है। जहां उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चौंपियनशिप का फाइनल खेलना है। वहीं यह मुकाबला इंग्लैंड के साउथैम्पटन में 18 से 22 जून के बीच खेला जाना है। इसके साथ ही भारतीय टीम को अगस्त-सितंबर में इग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। हालांकि भारतीय टीम के लिए इंग्लैंड दौरा कभी आसान नहीं रहा। चाहे वो खिलाड़ी हो या टीम दोनों का ही प्रदर्शन इंग्लैंड की सरजमीन पर अच्छा नहीं है। भारतीय टीम ने यहां 62 मैच खेले हैं जिसमें उसे 7 टेस्ट में जीत हासिल हुई है जबकि 34 में हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय टीम के कई दिग्गज खिलाड़ी है जिनके टेस्ट क्रिकेट करियर पर इंग्लैंड की जमीन पर ब्रेक लगा है।
दिनेश कार्तिक
बात करें दिनेश कार्तिक की तो 35 साल के विकेटकीपर बल्लेबाज ने भारतीय टीम की ओर से 26 टेस्ट खेले हैं। और 25 की औसत से 1025 रन भी बनाए हैं। इसके साथ ही एक शतक और 7 अर्धशतक जड़ा है। दिनेश कार्तिक ने अपना आखिरी टेस्ट अगस्त 2018 में इंग्लैंड में ही खेला। साथ ही 94 वनडे और 32 टी20 भी खेले हैं। वहीं अगस्त-सितंबर 2018 में दिनेश कार्तिक को इंग्लैंड में दो टेस्ट खेलने का मौका मिला। जहां 4 पारियों में से 3 बार भी वे दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच सके। साथ ही उनका 20 रन उच्चतम स्कोर रहा है। और 4 पारियों में उन्होंने 21 रन बनाए।
एस श्रीसंतः 
तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने भारतीय टीम की ओर से 27 टेस्ट, 53 वनडे और 10 टी20 खेले हैं। श्रीसंत ने अंतिम टेस्ट अगस्त 2011 को इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में खेला था। हालांकि 2013 में स्पॉट फिक्सिंग में नाम आने के बाद श्रीसंत पर बैन लग गया था।फिलहाल वह फिर से घरेलू क्रिकेट खेलने लगे हैं। उन्होंने अपने करियर में 27 टेस्ट में 38 की औसत से 87 विकेट लिए हैं। तीन बार पांच और चार बार चार विकेट लेने का कारनामा भी किया है। जुलाई-अगस्त 2011 में इंग्लैंड दौरे पर उन्हें 3 टेस्ट खेलने का मौका मिला। जहां उन्होंने 8 विकेट चटकाए। इसके बाद से उन्हें टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली।
शिखर धवनः
 भारतीय टीम के ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन लिमिटेड ओवर के अच्छे बल्लेबाज माने जाते हैं। कोरोना के कारण आईपीएल 2021 को स्थगित कर दिया गया है।
 लेकिन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी की बात की जाए तो धवन टॉप पर हैं। उन्होंने 34 टेस्ट खेले हैं। 7 शतक और 5 अर्धशतक भी लगाए हैं। 35 साल के इस बल्लेबाज के टेस्ट करियर पर ब्रेक इंग्लैंड दौरे पर ही लगा। उन्होंने 34 टेस्ट में 41 की औसत से 2315 रन बनाए हैं। धवन जुलाई में श्रीलंका दौरे पर जाने वाली टीम के कप्तान बनाए जा सकते हैं।
वहीं अगस्त-सितंबर 2018 में इंग्लैंड दौरे पर शिखर धवन को 4 टेस्ट में खेलने का मौका मिला था। 8 पारियों में वे एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। उनका 44 रन सबसे बड़ा स्कोर रहा। 8 पारियों में 162 रन बनाने वाले धवन इंग्लैंड में ओवल मैदान पर 7 सितंबर को अंतिम टेस्ट में खेलने उतरे। जिसमें उन्होंने 3 और 1 रन बनाए, इसके बाद अब तक वे टेस्ट टीम से बाहर हैं। टीम को पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-4 से हार मिली थी।
आरपी सिंहः
 बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने भारतीय टीम की ओर से 14 टेस्ट, 58 वनडे और 10 टी20 खेले। आरपी सिंह 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे। टेस्ट में 42 की औसत से 40 विकेट लेने वाले इस तेज गेंदबाज को अगस्त 2011 को इंग्लैंड दौरे के बाद टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली। अगस्त 2011 में आरपी सिंह को ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट में मौका मिला। उन्होंने 34 ओवर गेंदबाजी की और एक भी विकेट नहीं ले सके।

Read More

मै बेवकूफ नहीं हूँ जो पाकिस्तान का कोच बनूं:अकरम


वसीम अकरम की गिनती सिर्फ पाकिस्तान के ही नहीं बल्कि विश्व के दिग्गज तेज गेंदबाजों में होती है. कभी अपनी इन स्विंग और आउट स्विंग से दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को चकमा देने वाले वसीम अकरम एक बेहतरीन तेज गेंदबाज होने के साथ-साथ पाकिस्तान के अच्छे कप्तान भी रहे हैं. सवाल ये है कि आज तक वसीम अकरम को पाकिस्तान क्रिकेट टीम का कोच क्यों नहीं बनाया गया, या खुद कभी वसीम अकरम ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम का कोच बनने में दिलचस्पी क्यो नहीं दिखाई. इस पूरे विषय पर अब खुद वसीम अकरम ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा खुलासा किया है.
वसीम अकरम का बड़ा बयान
साल 1992 में वर्ल्ड कप जीत चुकी पाकिस्तान टीम को अब तक दिवंगत बॉब वूल्मर, मिकी आर्थर और मिस्बाह उल हक कोचिंग दे चुके हैं। बाएं हाथ पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम इस दौरान फ्रैंचाइजी टीम के कोच जरूर रहे, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान टीम के कोचिंग में कभी रूचि नहीं दिखाई. वसीम अकरम ने पाकिस्तान क्रिकेट को दिए एक इंटरव्यू में खुद इस बात का खुलासा किया है कि वो पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच क्यो नहीं बनना चाहते हैं. वसीम अकरम ने कहा, देखिए, पाकिस्तान ही नहीं बल्कि किसी भी इंटरनेशनल टीम से जब आप जुड़ते हो तो कम से कम 200-250 दिन उनको देने होते हैं. मुझे लगता है कि मैं इतना समय पाकिस्तान और अपने परिवार से दूर नहीं रह सकता. आम तौर पर जिन खिलाड़ियों को मुझसे मदद चाहिए होती है, वो मुझसे संपर्क करते हैं और मैं उनकी मदद कर देता हूं.
पाकिस्तान का कोच बन कर मुसीबत में नहीं पड़ना चाहता- वसीम
वसीम अकरम  ने आगे कहा कि मैं बेवकूफ नहीं हूं जो पाकिस्तान क्रिकेट टीम का कोच बनूंगा. वसीम अकरम ने इसकी वजह बताते हुए कहा, दूसरी बात ये कि मैं बेवकूफ नहीं हूं. मैं सुनता रहता हूं, मैं देखता रहता हूं कि किस तरह सोशल मीडिया पर लोग अपने कोच और सीनियर्स के साथ बदतमीजी करते रहते हैं. कोच को क्रिकेट नहीं खेलना है, वो खिलाड़ी हैं जिनको मैदान पर उतरकर खेलना होता है। कोच का काम सिर्फ प्लान बनाना होता है और ये पूरा उसका दोष नहीं होता जब टीम हारती है. उससे भी मुझे थोड़ा डर सा रहता है क्योंकि मैं कोचों के खिलाफ बदतमीजी बर्दाश्त नहीं कर सकता.
वसीम अकरम का कप्तानी में रिकॉर्ड शानदार
वसीम अकरम पाकिस्तान के बेहतरीन कप्तानों में से एक रहे हैं. उन्होंने पाकिस्तान की ओर से 109 वनडे मैचों में टीम की कप्तानी की. वह सबसे अधिक मैचों में कप्तानी के मामले में इमरान खान के बाद दूसरे नंबर पर हैं. वसीम अकरम ने साल 2003 में क्रिकेट को अलविदा कहा था. 90 के दशक में वसीम अकरम की विश्व क्रिकेट में तूती बोला करती थी. यार्कर, रिवर्स स्विंग दोनों ही तरह की गेंद फेंकने में वसीम अकरम को महारथ हासिल थी. इमरान खान के संन्यास लेने के बाद वकार यूनुस के साथ बतौर तेज गेंदबाज उनकी बेहतरीन जोड़ी थी.

Read More

मुरलीधरन का ये रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं अश्विन


 भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अभी तक 78 टेस्ट मैच खेले हैं और इस दौरान उन्होंने 409 विकेट्स अपने नाम किए हैं। इस 34 वर्षीय गेंदबाज को लेकर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर ब्रैड हॉग ने दावा किया है कि वह बेस्ट ऑफ स्पिनर हैं और महान श्रीलंकाई मुथैया मुरलीधरन के 800 टेस्ट विकेट के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। मुरलीधरन के टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट्स हैं। एक मीडिया हाउस से बातचीत के दौरान हॉग ने कहा, समय के साथ-साथ उनकी बल्लेबाजी में गिरावट आई है लेकिन वह गेंद से काफी घातक हो गए हैं। उन्होंने कहा, मैं अश्विन को कम से कम 600 से ज्यादा टेस्ट विकेट लेते हुए देखता हूं। हॉग ने इस दौरान कहा कि वह शायद मुरलीधरन (800 टेस्ट विकेट्स) के रिकॉर्ड को भी तोड़ दें। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया और घरेलू टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ अश्विन का प्रदर्शन शानदार रहा है। ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने सिडनी टेस्ट में बचाने की थी। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 31 विकेट झटके थे और इस सीरीज को भारत ने 3-1 से अपने नाम किया था। अब अश्विन इंग्लैंड दौरे का हिस्सा हैं जहां वह न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चौम्पियनशिप के फाइनल में और फिर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नजर आएंगे।

Read More

कपिल देव ने दी ऋषभ पंत को खास सलाह

 पूर्व विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव भारत और क्रिकेट खेलने वाले देशों में सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में से एक हैं. पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर के विचारों का युवा क्रिकेटरों और जनता द्वारा समान रूप से सम्मान किया जाता है. उन्हें अक्सर टीवी और सोशल मीडिया पर कई अन्य विशेषज्ञों के साथ क्रिकेट पर चर्चा करते देखा जाता है. कपिल देव अपने सीधे-सादे और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर हैं, जो एक से बढ़कर एक तरीकों से असरदार साबित होते हैं. हाल ही में इस 61 वर्षीय खिलाड़ी ने विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत पर अपने विचार साझा किए, जो ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ भारत की टेस्ट सीरीज में जीत के सूत्रधार बने थे. ऋषभ पंत ऑस्ट्रेलियाई दौरे से ही शानदार फॉर्म में चल रहे हैं. इस शानदार बल्लेबाज ने पहले ब्रिस्बेन में नाबाद 89 रनों की शानदार पारी खेली और फिर 100 रन बनाकर भारत की टेस्ट टीम के विकेटकीपिंग स्पॉट को अपना बना लिया. हालांकि, कपिल देव को लगता है कि ऋषभ पंत को थोड़ा धीमा होने की जरूरत है. उन्हें भारत के इंग्लैंड दौरे पर आक्रामकता के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है. इससे उन्हें लंबे समय तक बल्लेबाजी करने में मदद मिलेगी.
कपिल देव ने उनकी समान बल्लेबाजी शैली के आधार पर उनकी तुलना रोहित शर्मा से भी की है. मिड डे को दिए इंटरव्यू में कपिल देव ने कहा, टीम में आने के बाद से अब वह काफी परिपक्व क्रिकेटर नजर आ रहे हैं. ऐसा लगता है कि उनके पास अपने शॉट खेलने के लिए कहीं अधिक समय है और जाहिर है कि उनके स्ट्रोक की रेंज कमाल की है. लेकिन इंग्लैंड चुनौतीपूर्ण होगा. उन्हें बीच में अधिक समय बिताना चाहिए और हर गेंद को हिट करने के लिए नहीं देखना चाहिए. हम रोहित शर्मा के बारे में भी यही कहते थे, जिनके पास बहुत सारे शॉट्स थे. लेकिन बाहर कदम रखेंगे और कई बार बाहर निकलेंगे.कपिल देव ने कहा कि ऋषभ पंत भारत के मैच विजेता हैं.
 ऐसे में उन्हें अपने आक्रामक स्ट्रोक-प्ले के साथ गेंदबाजों को हिट करने से पहले अपनी नजरें लगाने पर अधिक ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, यही अब ऋषभ पंत के साथ है. वह एक रोमांचक खिलाड़ी है और बहुत मूल्यवान भी. मैं उसे केवल इतना कहूंगा कि अपने शॉट्स की रेंज को सामने लाने से पहले समय निकालें. इंग्लैंड मुश्किल है. कपिल ने कहा कि वह क्रिकेट के लंबे प्रारूप से प्यार करते हैं. वह हमेशा अन्य दो प्रारूपों की तुलना में लाल गेंद वाले क्रिकेट को देखने के लिए तत्पर रहते हैं. उन्होंने कहा, बेशक, मैं टेस्ट क्रिकेट का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं. मुझे पूरे दिन का खेल देखना अच्छा लगता है. अगर काम मुझे टीवी से दूर रखता है, तो मैं हाइलाइट्स देखता हूं. मैं जितना ज्यादा देख सकता हूं, हमेशा उतना देखता हूं. टेस्ट क्रिकेट जैसा कुछ नहीं है.

Read More