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टोक्यो । भारत की अनुभवी तीरंदाज दीपिका कुमारी का कहना है कि पिछले दो ओलंपिक में नाकाम रहने के बाद इस बार वह खुद को साबित करना चाहती है कि वह ओलंपिक पदक जीतने में सक्षम है। दुनिया की नंबर एक तीरंदाज दीपिका का यह लगातार तीसरा ओलंपिक है। वह लंदन (2012) और रियो (2016) में अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी थी। दीपिका ने विश्व तीरंदाजी से कहा कि मैं खुद को साबित करना चाहती हूं कि मैं जीत सकती हूं । यह मेरे लिये, तीरंदाजी टीम के लिये और मेरे देश के लिये अहम है। उन्होंने कहा कि भारत ने ओलंपिक में कभी तीरंदाजी में पदक नहीं जीता और मैं जीतना चाहती हूं। लंदन ओलंपिक से पहले भी दुनिया की नंबर वन तीरंदाज बनी दीपिका एक बार फिर शीर्ष रैंकिंग पर पहुंची है। लंदन से अब तक बहुत कुछ बदल गया। मैंने मानसिक रूप से काफी मेहनत की है जिससे सकारात्मक नतीजे मिल रहे हैं। पिछले दो ओलंपिक में मैं बहुत पीछे रह गई थी और अब उस पर मेहनत करके आई हूं। मैं लगातार बेहतर प्रदर्शन की कोशिश में हूं। दीपिका ओलंपिक में भारत की अकेली महिला तीरंदाज हैं। उनके व्यक्तिगत वर्ग की स्पर्धा 27 जुलाई से शुरू होगी। वहीं मिश्रित युगल स्पर्धा पहले ही दिन शुक्रवार को होगी।