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वेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने के लिए आईएमएस की स्थापना जरूरी
अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य के अधीक्षक डॉ0रंजीत वर्मा (ईएनटी) सर्जन ने पीएस न्यूज़ 24 को दिए साक्षात्कार में बताया कि सीएचसी अलीगंज और यहां के मरीजों की भलाई के लिए अपने डॉक्टर धर्म का ईमानदारी से निर्वहन करूंगा।उन्होंने क्षेत्रीय जनता से भी अपेक्षा की है कि वह कोविड-19 के प्रकोप से बचने के लिए वेक्सीन जरूर लगवाएं। आईएएस और आईपीएस की तरह इंडियन मेडिकल सर्विस को संवैधानिक मान्यता दिए जाने के प्रश्न का जबाब देते हुए,डॉ0 रंजीत ने बताया कि जो काम जिसका होता है उसमें उसी डिग्रीधारक की नियुक्ति होनी चाहिए,डॉक्टरों को यदि पुलिस का काम सौंपा जाए तो वो नही कर सकता।

दूसरा सबसे बड़ा उदाहरण भारत की इसरो है, जिसमे सभी वैज्ञानिक ही होते हैं।विदेशों में स्वास्थ्य विभाग में उच्च पदों पर सीनियर डॉ0 ही विठाये जाते हैं,यूएस में स्वास्थ्य डायरेक्टर के पद पर 80 वर्षीय डॉ0एंथोनी एमडी फिजिशियन साइंटिस्ट की नियुक्ति है, जब कि भारत मे एक बीटेक लव अग्रवाल को ज्वाइंट सेक्रेटरी हेल्थ के पद का दायुत्व सौंपा हुआ है।

डॉ0वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारोँ को चाहिए कि वो आईएस आईपीएस की तरह आईएमएस को भी कांनूनी मान्यता प्रदान करे ताकि देश की स्वास्थ्य सेवाओं को वेहतर बनाया जा सके,इसके के लिए सरकारी स्वास्थ्य सेवा में नियुक्त हर व्यक्ति की जबाबदारी सुनिश्चित होगी।रिपोर्ट देवेंद्र शर्मा देवू।